
🌸 बाल विवाह रोकथाम हेतु जनजागरूकता अभियान
जिला डिंडौरी | महिला एवं बाल विकास विभाग
कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदोरिया के मार्गदर्शन में जिले के समस्त 1946 आंगनवाड़ी केंद्रों में बाल विवाह रोकथाम के तहत व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
अभियान के अंतर्गत बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम से संबंधित जानकारी सभी आंगनवाड़ी केंद्रों एवं ग्राम पंचायतों में दी गई।
कार्यक्रमों के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं द्वारा हितग्राहियों को बाल विवाह के दुष्परिणाम, इसके कानूनी प्रावधानों तथा बालिकाओं की शिक्षा और सशक्तिकरण के महत्व के बारे में विस्तार से बताया गया।
ग्राम स्तर पर दीवारों पर सूचनात्मक नारे एवं संदेशों का लेखन किया गया, जिससे जनसामान्य में बाल विवाह के विरुद्ध चेतना और जागरूकता बढ़ी।
इस अवसर पर सभी हितग्राहियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए यह संकल्प लिया कि वे अपने ग्राम में किसी भी प्रकार का बाल विवाह नहीं होने देंगे तथा इस सामाजिक कुप्रथा को समाप्त करने में सक्रिय भूमिका निभाएँगे।
महिला एवं बाल विकास विभाग, डिंडौरी द्वारा संचालित इस पहल का उद्देश्य —
👉 समाज में जागरूकता बढ़ाना,
👉 बालिकाओं को सुरक्षित, शिक्षित एवं सशक्त बनाना,
तथा एक बाल विवाह मुक्त भारत की दिशा में ठोस कदम उठाना है।













